FD  FULL FORM IN HINDI। FD क्या है सभी जानकारी हिंदी में।


हेलो दोस्तो नमस्कार आप सभी का स्वागत करते हैं आज के इस पोस्ट में दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे FD के बारे में FD क्या है FD का फुल फॉर्म क्या होता है FD कैसे करें इत्यादि इससे जुड़े सभी जानकारियों के बारे में मैं आप सभी को आज के इस पोस्ट में बताने वाला हूं दोस्तों ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए आप मेरे इस पोस्ट के लास्ट तक मेरे साथ बने रहे तो चलिए दोस्तों हम जानते हैं कि FD का फुल फॉर्म क्या होता है और FD क्या है।

FD Ka Full Form क्या होता है ?


एफडी का फुल फॉर्म फॉर्म होता है। Fixed Deposit  जो कि अक्सर लोग बैंक में अपने पैसे को जमा करके उस पर इंटरेस्ट कम आते आते आते इंटरेस्ट कम आते आते आते हैं।

आज के समय में एफडी एक Safest Investment Option  है जो कम रिटन देता है लेकिन इसमें आपको रिक्स शून्य ( 0 )  के बराबर होता है इसीलिए आज भी पूरे  World  में एफडी को एक Safest Investment Option माना जाता है।

यह एक फाइनेंसियल साधन है जो बैंकों के द्वारा प्रदान किया जाता है और जो निवेशकों को नियमित बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज दर प्रदान करता है।


FD ( Fixed Deposit )  क्या है?


इसका मतलब होता है कि इसमें आपको एक निश्चित समय जमा करना होगा इस अवधि के दौरान बैंक आपकी जमा राशि पर ब्याज का भुगतान करता है यदि आपको किसी निवेश स्थिति में धन की आवश्यकता होती है तो यह बचत उस स्थिति उपयोगी होगा लेकिन निर्धारित समय से पहले एफडी किसी को अनुमति नहीं दी जाती है लेकिन विशेष परिस्थितियों में इसे तोड़ा भी जा सकता है।

FD ( Fixed Deposit )  में कैसे निवेश करें?


हमारे देश में बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट एफडी स्कीम ब्याज कमाने का सबसे बेहतरीन तरीका है एफडी 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए किया जाता है।

                    Fd Full Form In Hindi

एफडी पर सेविंग अकाउंट की तुलना में तकरीबन 2 गुना ब्याज  मिलता है इस वजह से या छोटी और लंबी दोनों अवधि के निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।

पिछले कुछ सालों में एफडी की लोकप्रियता बढ़ी है क्योंकि इसने पूंजी की सुरक्षा और निश्चित रिटर्न के वजह से अधिक लोग एफडी में निवेश करते हैं हर बैंक एफडी की सुविधा देता है कोई गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी NBFS  भी ग्राहकों को फिक्स डिपाजिट की सुविधा देती है।

बैंकों की तुलना में एनबीएफसी ग्राहकों को एफबी पर अधिक ब्याज देता है हालांकि उनमें एफडी को अपेक्षाकृत कम सुरक्षित माना जाता है लेकिन बैंक में एफडी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

FD ( Fixed Deposit ) की विशेषताएं।


◆ आपको डिपॉजिट पर रिटर्न सुनिश्चित सुनिश्चित है पर रिटर्न सुनिश्चित है और मार्केट में उतार-चढ़ाव से प्रभावित रहते हैं।

◆ NBFC द्वारा प्रदान की जाने वाली एफडी ब्याज दरें बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली एफडी दरों से अधिक होती है।

◆ फिक्स्ड  डिपाजिट को आसानी से रिमूव को आसानी से रिमूव किया जा सकता है और आप अपने डिपॉजिट को रिन्यू करने पर अत्यधिक दर का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।

◆ आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार फिक्स्ड  डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज टैक्स मूल राशि के आधार पर काटा जाता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स पर टैक्स देयता ?


अगर आप की कुल आय 10 पर सेंट के न्यूनतम टैक्स स्लैब से कम होता है तो आप काटी गई TDS की राशि का क्लेम कर सकते हैं अगर आप उचित टैक्स ब्रैकेट 20% या 30%  में आता है तो आपको आपके NBFC  या बैंक द्वारा काटे गए डीटीएच के अतिरिक्त टैक्स देना होगा।

FD ( Fixed Deposit ) के क्या क्या लाभ होते है? 

◆ फिक्स्ड डिपाजिट सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट में से एक है जो उच्चतम स्थिरता प्रदान करता है।

◆ फिक्स्ड  डिपॉजिट पर सुनिश्चित रिटर्न प्राप्त होती है और मूल राशि पर जोखिम की कोई संभावना नहीं होती है।

◆ आप अपने मानसिक खर्चों को प्रबंधित करने के लिए समय-समय पर ब्याज का भुगतान विकल्प चुन सकते हैं।

◆  अपने फिक्स्ड  डिपॉजिट पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा इससे आपकी इन्वेस्टमेंट की गई पूंजी सुरक्षित रहेगी।

◆  कुछ फाइनेंस सीनियर सिटीजन को एफडी पर अधिक ब्याज दरें भी प्रदान करते हैं।


FD  से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न्स क्या है ?


यदि आपको एफडी पर बैंक या NBFC  जो ब्याज  देते हैं  वही आप का वास्तविक रिटनर्स होता है आप अपनी जरूरत और बैंक द्वारा दिए गए ब्याज के हिसाब लगाकर एफडी में निवेश कर सकते हैं उसी के साथ ही आप ब्याज की निकासी की अवधि भी तय कर सकते हैं आपको ब्याज हर महीने तिमाही, छमाही , सालाना,  या मैच्योर होने के बाद चाहिए यह एफडी में निवेश करते वक्त ही चुना जा सकता है।

लेकिन समझदारी की बात तो यह है कि एफडी में निवेश करते वक्त आपको सिर्फ ब्याज  दरों के बारे में ही नहीं सोचना चाहिए और आपको इस मामले में तरलता का भी ध्यान रखने की जरूरत है जिस समय आपको रकम की जरूरत है उस समय आप को एफडी वक्त आने में  दिक्कत नहीं हो।

यह  अधिक से अधिक ब्याज कमाने के लिए जरूरी होता है कि आप सही समय का ध्यान रखें सही समय से मतलब सेफ्टी की अवधि से नहीं होता है बल्कि अलग-अलग मेच्योरिटी अवधि में रिटर्न की सही गणना कर आप अधिकतम ब्याज कमाने में सफल हो सकते हैं।

निष्कर्ष:-
हेलो दोस्तों मैं उम्मीद करता हूं कि एफडी का फुल फॉर्म और एफडी क्या है और यह क्यों जरूरी है इत्यादि इससे जुड़ी सभी जानकारी आपको मिल गई होंगी दोस्तों आपको मेरा यह पोस्ट कैसा लगा यह मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और अगर आपके मन में किसी प्रकार का कोई प्रश्न है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। मैं आपके सभी सवालों के जवाब जरूर दूंगा।

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